Friday, December 5, 2008

प्रार्थना
प्रातः शुरू हुई प्रार्थना से ।

संगीत के भक्तिमय राग भूपाल से ॥

प्रार्थना से सफल होती हैं मनोकामना ।

साथ हो इसके अपना प्रयत्न और साधना ॥

सच्चे प्रार्थना की पुकार हुई ।

भगवान् के घर पर रौशनी आयी ॥

रात रात भर करूँ मैं प्रतीक्षा ।

पर अब पूरी नहीं हुई परीक्षा ॥

अब तो सफल हो मेरी प्रार्थना ।

तुझे आवाज दे मेरी अन्तर आत्मा ॥
















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