प्रार्थना
प्रातः शुरू हुई प्रार्थना से ।
संगीत के भक्तिमय राग भूपाल से ॥
प्रार्थना से सफल होती हैं मनोकामना ।
साथ हो इसके अपना प्रयत्न और साधना ॥
सच्चे प्रार्थना की पुकार हुई ।
भगवान् के घर पर रौशनी आयी ॥
रात रात भर करूँ मैं प्रतीक्षा ।
पर अब पूरी नहीं हुई परीक्षा ॥
अब तो सफल हो मेरी प्रार्थना ।
तुझे आवाज दे मेरी अन्तर आत्मा ॥
No comments:
Post a Comment